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Dr. jitendra singh ने भारत दर्शन यात्रा पर जम्मू-कश्मीर के छात्रों से बातचीत की

केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Dr. jitendra singh ने आज “भारत दर्शन यात्रा” के तहत दिल्ली आए जम्मू-कश्मीर के छात्रों से मुलाकात की। यह यात्रा “जम्मू-कश्मीर पुलिस” द्वारा आयोजित की गई है और इसका उद्देश्य छात्रों को देश के विभिन्न भागों की सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और सामाजिक विविधता से अवगत कराना है।

Image Source: PIB https://pib.gov.in/indexd.aspx?reg=3&lang=1

छात्रों को नई तकनीकों और अवसरों से परिचित होने की सलाह दी गई

केंद्रीय मंत्री Dr. jitendra singh ने छात्रों की “जिज्ञासा, अवलोकन कौशल और आईक्यू” की सराहना की और उन्हें “विज्ञान, प्रौद्योगिकी, जैव रसायन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)” और “अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी” के क्षेत्र में हो रहे विकास से परिचित होने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को “स्मार्टफोन” का उपयोग केवल मनोरंजन के लिए ही नहीं बल्कि “सूचना और ज्ञान” प्राप्त करने के लिए भी करना चाहिए।

भारत सरकार की योजनाओं की जानकारी

केंद्रीय मंत्री Dr. jitendra singh ने छात्रों को “प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना” के बारे में बताया, जिसके माध्यम से वे अपने पारंपरिक कौशल को फिर से सीखकर उसे नए स्तर पर ले जा सकते हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में “महिलाओं द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहों” का उदाहरण दिया, जो “सेब की उपज और शेल्फ लाइफ बढ़ाने” पर काम कर रहे हैं।

बैंगनी क्रांति का जिक्र

Dr. jitendra singh ने “जम्मू-कश्मीर में बैंगनी क्रांति” के लाभों पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस क्रांति के तहत किसान “लैवेंडर” की खेती कर रहे हैं, जिससे “इत्र और तेल” तैयार किया जाता है। इससे युवाओं को अच्छा “आर्थिक लाभ” मिल रहा है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।

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Dr. jitendra singh ने शिक्षा में नए दृष्टिकोण अपनाने पर दिया जोर

केंद्रीय मंत्री Dr. jitendra singh ने छात्रों से कहा कि वे अपने “शिक्षकों से नए दृष्टिकोण अपनाने” और “पढ़ाई में नए विचारों को शामिल करने” का अनुरोध करें। उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारियों से शिक्षकों के लिए कार्यशालाएं आयोजित करने का भी अनुरोध किया ताकि वे छात्रों को अधिक उपयोगी शिक्षा प्रदान कर सकें।

भारत दर्शन यात्रा का विवरण

यात्रा में 70 छात्र और जम्मू-कश्मीर पुलिस के 7 अधिकारी शामिल हैं। इनमें से कई छात्र ऐसे परिवारों से हैं जिन्होंने युद्ध में अपने प्रियजनों को खो दिया है। यह यात्रा 9 अक्टूबर, 2024 को शुरू हुई और छात्रों ने सबसे पहले बेंगलुरू का दौरा किया। बेंगलुरू में उन्होंने विश्वेश्वरैया औद्योगिक और प्रौद्योगिकी संग्रहालय समेत कई प्रमुख स्थानों का दौरा किया। यह यात्रा हवाई मार्ग से की जा रही है और छात्र कल अपने घर लौटेंगे।

छात्रों को नई प्रेरणा और ज्ञान देने के उद्देश्य से इस बैठक का आयोजन किया गया ताकि वे देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें। जम्मू-कश्मीर पुलिस और भारत सरकार की यह पहल युवाओं को देश की विविधता और अवसरों से जोड़ने का एक सराहनीय प्रयास है।

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