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कालबेलिया नृत्य की अद्भुत छटा से सजा महाकुंभ का कलाग्राम।

“कालबेलिया नृत्य” की अद्भुत छटा से सजा, महाकुंभ का कलाग्राम। राजस्थानी संस्कृति का जादू बिखेरा कलाकारों ने,

महाकुंभ के सेक्टर-7 में आयोजित कलाग्राम सांस्कृतिक उत्सव में मंगलवार को राजस्थान के लोक कलाकारों ने राजस्थानी लोकगीतों और “कालबेलिया नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति दी। “केसरिया बालम पधारो म्हारे देश” और “निंबुड़ा-निंबुड़ा” जैसे गीतों पर नृत्यांगनाओं ने अपनी मोहक अदाओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कालबेलिया नृत्य
Image Source: NCZCC Media Group

कालबेलिया नृत्य में दिखी परंपरा और अद्भुत कौशल

महिला कलाकारों ने कालबेलिया नृत्य की प्रस्तुति में सांप जैसी लयबद्ध हरकतें कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। नृत्यांगनाओं की आंखों की पलक से अंगूठी उठाने और उल्टी चकरी जैसे अद्भुत करतबों ने समा बांध दिया। वाद्ययंत्रों की मधुर धुन ने इस प्रस्तुति को और भी खास बना दिया।

कालबेलिया नृत्य में दिखी परंपरा और अद्भुत कौशल

मयूर रास और क्षेत्रीय नृत्य ने बांधा समां

मथुरा के कलाकारों ने मयूर रास नृत्य और “श्याम गोविंद हरे मुरारी” गीत पर प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कलाकारों ने छपेली, हारूल और सिमोरी नाटी नृत्य प्रस्तुत कर अपनी संस्कृति की झलक पेश की।

मयूर रास और क्षेत्रीय नृत्य ने बांधा समां

शिल्प और स्वाद का अनोखा संगम

कलाग्राम में विभिन्न क्षेत्रीय शिल्पकारों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। श्रद्धालु न केवल इन स्टॉल्स पर हस्तशिल्प वस्त्र और आभूषण खरीद रहे हैं, बल्कि विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों का भी लुत्फ उठा रहे हैं।

अनुभूत मंडपम: 3D में समुद्र मंथन का दृश्य

कलाग्राम में बना 3D अनुभूत मंडपम समुद्र मंथन की कहानी को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर रहा है। यह मंडपम श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है, जहां लोग बड़ी संख्या में इसे देखने आ रहे हैं।

इस महाकुंभ का सांस्कृतिक महोत्सव आधुनिकता और परंपरा का संगम प्रस्तुत करता है। कालबेलिया नृत्य और विभिन्न क्षेत्रीय प्रस्तुतियां दर्शकों को भारतीय संस्कृति की गहराई से परिचित करा रही हैं।

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