प्रयागराज

रंग-व्यंग्य 2025: पुस्तक विमोचन, सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन

प्रयागराज: हंसवाहिनी एवं संकल्प परिवार के संयुक्त तत्वावधान में “रंग-व्यंग्य 2025” के अंतर्गत पुस्तक लोकार्पण, सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन का आयोजन कालिंदीपुरम, जागृति चौराहे के समीप भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में नामचीन कवियों और रचनाकारों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

रंग-व्यंग्य 2025: पुस्तक ‘कलम अभी जिंदा है’ का विमोचन

रंग-व्यंग्य 2025 पुस्तक 'कलम अभी जिंदा है' का विमोचन

इस अवसर पर राम कैलाश पाल प्रयागी द्वारा रचित पुस्तक “कलम अभी जिंदा है” का विमोचन किया गया। पुस्तक में समाज की सच्चाई को बेबाकी से उजागर किया गया है।

मुख्य अतिथि प्रयागराज के महापौर गणेश केसरवानी ने रचनाकारों का सम्मान करते हुए कहा,
“राम कैलाश पाल प्रयागी जी की यह पुस्तक समाज के वास्तविक स्वरूप को दर्शाती है। साहित्य समाज को नई दिशा देने का कार्य करता है।”

विशिष्ट अतिथियों में प्रयागराज के विधायक हर्षवर्धन बाजपेई, विधायक श्रीमती पूजा पाल, भाजपा काशी क्षेत्र के उपाध्यक्ष अवधेश चंद गुप्ता, केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. सुशील सिन्हा, काग्रही समाज के संरक्षक राम जी अग्रहरि और शेरवानी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के डायरेक्टर सादिक हसन शामिल थे।

रंग-व्यंग्य 2025: कवि सम्मेलन में गूंजी रचनाओं की गूंज

इस अवसर पर देशभर के प्रसिद्ध कवियों एवं रचनाकारों ने अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

🔹 ओजस्वी काव्य पाठ:

नई दिल्ली से आए श्री उपेंद्र पांडे ने राष्ट्रभक्ति की भावना से भरपूर रचना प्रस्तुत की –
“निगाहें झुकती सजदें में वहाँ सम्मान क्या होगा?”
“वतन पर जाँ लुटाने से बड़ा बलिदान क्या होगा?”

😂 हास्य कवियों की बेहतरीन प्रस्तुति:

  • विकास बौखल (बाराबंकी) ने फागुन की मस्ती पर हास्य व्यंग्य सुनाकर सबको लोटपोट कर दिया।
  • अमित जौनपुरी की व्यंग्य रचना –
    “लगता ही फगुनवा करई लोग हल्ला, मची देखा होली मोहल्ला मोहल्ला…”
  • योगेश झमाझम ने हास्य-व्यंग्य के नए रंग भरे –
    “मेल हो फीमेल हो, कॉमनसेंस होना चाहिए। प्यार के चश्मे में लगा लेंस होना चाहिए।”

💖 श्रृंगार रस की मनमोहक कविताएं:

  • कृपा संगम (सतना) ने प्रेम और इंतजार पर भावुक रचना सुनाई –
    “कोई ऐतवार में नहीं आया, कोई इंतजार में नहीं आया।”
  • डॉ. आभा मधुर श्रीवास्तव की श्रृंगार रस से भरी कविता –
    “केसर की धार बहे, सोलह सिंगार बहे, कर गए देह सतरंगी मोरे सजना।”

🎶 काव्य संगीत की मधुर प्रस्तुति:

  • शैलेंद्र मधुर ने प्रयागराज कुंभ की भव्यता पर गीत प्रस्तुत किया –
    “सारी दुनिया सकते में थी देख व्यवस्था ढंग, प्रयागराज के कुंभ में अबकी चढ़ा सनातनी रंग।”

🏆 सम्मान समारोह: साहित्य, समाज और संस्कृति की विभूतियों का सम्मान

इस भव्य आयोजन में साहित्य, समाज और संस्कृति से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।

साहित्य, समाज और संस्कृति की विभूतियों का सम्मान
सम्मानसम्मानित व्यक्तित्व
साहित्य गौरव सम्मानराम कैलाश पाल प्रयागी, राजीव नसीब
समाज गौरव सम्मानरामजी अग्रहरि, जे.पी. तिवारी, अशोक चौहान
शौर्य कीर्ति सम्मानसंतोष शर्मा
पर्यावरण सम्मानश्रीमती मनसा सिंह
सांस्कृतिक सम्मानडॉ. अशोक शुक्ल, रिभु श्रीवास्तव
संगीत गौरव सम्मानसंदीप द्विवेदी
शिक्षा गौरव सम्मानश्रीमती हेम श्रीवास्तव
नारी शक्ति सम्मानडॉ. अंजलि केसरी

सभी सम्मानित व्यक्तियों को स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

🙏 आयोजन समिति एवं उपस्थित गणमान्य

कार्यक्रम की अध्यक्षता के.के. पांडे, श्याम जी शुक्ला, प्रदीप तिवारी, संजय शेखर पांडे, गुलाब सिंह पटेल, मिथिलेश सिंह, अखिलेश सिंह, अशोक श्रीवास्तव, अजय मोहन श्रीवास्तव, अमिता पांडे, अनीता श्रीवास्तव और शिल्पी सक्सेना ने की।

संयोजक हंसवाहिनी संस्था के महासचिव शैलेंद्र मधुर ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

“रंग-व्यंग्य 2025” का यह आयोजन साहित्य, हास्य, श्रृंगार और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम रहा। कवियों की उत्कृष्ट रचनाएं, सम्मान समारोह और पुस्तक विमोचन ने इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।

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