कुंभ मेला

बड़ा उदासीन अखाड़ा की पेशवाई: वेदांग और गुरुवाणी का अद्भुत संगम

पत्थर चट्टी से मेला क्षेत्र तक यात्रा

रविवार को प्रयागराज में बड़ा उदासीन अखाड़ा की पेशवाईने पत्थर चट्टी रामलीला कमेटी के रामबाग परिसर से यात्रा शुरू की। श्री महंत महेश्वर दास की अगुवाई में साधु-संतों और नागा संन्यासियों का दल गाजे-बाजे के साथ निकला। हाथी, घोड़े, ऊंट, डीजे और ढोल-नगाड़ों के साथ शोभायात्रा का हर दृश्य भक्तिमय और भव्य था।

बड़ा उदासीन अखाड़ा की पेशवाई का भव्य आयोजन
Photo Credit By: Rohit Sharma

भव्य झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

लाल, पीले और नीले झंडों के साथ शोभायात्रा में आकर्षक झांकियां शामिल थीं। मां दुर्गा, भगवान गणेश और अन्य देवी-देवताओं की झांकियां दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रही थीं। बच्चों ने भगवान के रूप में अद्भुत प्रदर्शन किया। यात्रा में 90 फीट लंबा तिरंगा झंडा देशभक्ति का भाव जगा रहा था। इसके साथ गुजरात का गरबा और अन्य राज्यों के लोक नृत्य भी सांस्कृतिक विविधता का परिचय दे रहे थे।

बड़ा उदासीन अखाड़ा की पेशवाई
Photo Credit By: Rohit Sharma

भक्तों का उत्साह और श्रद्धा

पूरे मार्ग में लोग मकानों और दुकानों की छतों से फूलों की वर्षा कर रहे थे। सड़क किनारे खड़े श्रद्धालु साधु-संतों के दर्शन और आशीर्वाद के लिए आतुर दिखे। जॉनसनगंज चौराहे और लोकनाथ तक व्यापारियों ने विशेष स्वागत की व्यवस्था की।

महाकुंभ 2025 के लिए बड़ा उदासीन अखाड़ा की पेशवाई अंतिम पेशवाई थी।

बड़ा उदासीन अखाड़ा की पेशवाई महाकुंभ 2025 की अंतिम पेशवाई थी। संगम क्षेत्र में प्रवेश करते ही पुलिस और प्रशासन ने अखाड़े का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने पेशवाई में सम्मिलित होकर दिव्य और भव्य आयोजन का आनंद लिया।

Photo Credit By: Rohit Sharma

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