जया प्रभा मेनन के मोहिनीअट्टम नृत्य ने दर्शकों को भाव-विभोर किया
जया प्रभा मेनन के मोहिनीअट्टम नृत्य से दर्शक भाव-विभोर, तेजेंद्र नारायण मजूमदार ने सरोद पर सजाया यमन कल्याण
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा महाकुंभ के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में सुप्रसिद्ध नृत्यांगना जया प्रभा मेनन और उनके दल की मोहिनीअट्टम प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। यह प्रस्तुति समुद्र मंथन की पौराणिक कथा पर आधारित थी, जिसमें उन्होंने लास्य प्रधान नृत्य शैलियों के माध्यम से कथानक को जीवंत कर दिया। उनकी भाव-भंगिमाएं, नटराज शिव की आराधना, पंचाक्षर मंत्र की आध्यात्मिक आभा और अष्टमूर्ति रूप की प्रस्तुति ने दर्शकों को मोहित कर दिया।

तेजेंद्र नारायण मजूमदार का सरोद वादन – यमन कल्याण की मधुर प्रस्तुति
संगीत संध्या का दूसरा प्रमुख आकर्षण था सरोद वादन, जिसे भारत के प्रख्यात सरोद वादक पं. तेजेंद्र नारायण मजूमदार ने प्रस्तुत किया। उन्होंने राग यमन कल्याण की रागिनी छेड़कर श्रोताओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत की गहराइयों तक पहुंचाया। उनकी प्रस्तुति में भक्ति, प्रेम और सांस्कृतिक समृद्धि का अद्भुत संगम देखने को मिला। तबला संगत में तन्मय बोस ने अपनी मधुर ताल व लयकारी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भारत की विविध संस्कृतियों के रंग – लोकनृत्य और रामलीला मंचन
इस अवसर पर विभिन्न राज्यों के लोक कलाकारों ने अपने पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुति दी:
- अरुणाचल प्रदेश – जुजुजाजा नृत्य
- कर्नाटक – कार्डिम जलू नृत्य
- गुजरात – मेवासी नृत्य
- सिक्किम – सोरठी नृत्य
इन लोकनृत्यों ने भारत की सांस्कृतिक समृद्धि का अद्भुत परिचय दिया और दर्शकों को रोमांचित किया।
इसके अतिरिक्त, असम के कलाकारों ने रामकथा और सीता उद्धार पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। वहीं, झूंसी सांस्कृतिक मंच पर नमिता अग्रवाल के निर्देशन में रामलीला का भव्य मंचन हुआ, जिसमें भक्त और भगवान के बीच का पवित्र भावनात्मक संबंध दर्शाया गया।

दर्शकों की शानदार प्रतिक्रिया
इस सांस्कृतिक आयोजन में श्रीमती अमिता प्रसाद सरभाई, केंद्र के प्रभारी निदेशक आशिष गिरि सहित बड़ी संख्या में दर्शकों की उपस्थिति रही। उपस्थित जनसमूह ने कलाकारों के प्रदर्शन की भरपूर सराहना की और भारतीय शास्त्रीय कला व संस्कृति के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की।
निष्कर्ष
इस भव्य आयोजन ने भारतीय संस्कृति और शास्त्रीय कला की सुंदरता को दर्शकों के समक्ष जीवंत किया। जया प्रभा मेनन के मोहिनीअट्टम और पं. तेजेंद्र नारायण मजूमदार के सरोद वादन ने इस शाम को यादगार बना दिया।
याद रखें:
https://updarshan.online/कुंभ से जुड़ी हर छोटी-बड़ी ख़बर के लिए हमसे जुड़े रहे साथ ही हमारे इस News पोर्टल की नोटिफिकेशन को Allow करें, जिससे हमारी लेटेस्ट न्यूज़ की जानकारी आपको तत्काल मिल सके।
वेबसाइट: Updarshan.online
हमें ईमेल करें: help@updarshan.online

