मनोरंजन

नाद-ब्रह्म शिल्प मेला 2026 प्रयागराज में संस्कृति और लोकभाव का उत्सव

नाद-ब्रह्म शिल्प मेला 2026 प्रयागराज: ‘लागल गंगा जी का मेला’ से गूंजा सांस्कृतिक केंद्र, लोकगीतों ने मोहा मन

प्रयागराज। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित नाद-ब्रह्म शिल्प मेला 2026 प्रयागराज के अंतर्गत “चलो मन गंगा–यमुना तीर” कार्यक्रम श्रृंखला में बुधवार को संगोष्ठी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया।

संगोष्ठी में गंगा की सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना पर विचार

नाद-ब्रह्म शिल्प मेला 2026 प्रयागराज

संगोष्ठी के मुख्य वक्ता डॉ. चितरंजन कुमार (सहायक आचार्य, इलाहाबाद विश्वविद्यालय) ने कहा कि गंगा केवल नदी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा है। उन्होंने कहा कि गंगा ने हर वर्ग, हर आस्था और हर संस्कार को अपनाया, लेकिन आज की पीढ़ी ने उसे उपेक्षित कर दिया है।

तीर्थराज प्रयाग भारतीय साहित्य और लोकमंगल की धुरी

सरस्वती पत्रिका के संपादक अनुपम परिहार ने कहा कि प्रयाग भारतीय सांस्कृतिक चेतना का मूल केंद्र रहा है। वेद–पुराणों से लेकर हिंदी साहित्य तक प्रयाग को भक्ति, समाज और लोकमंगल की भूमि के रूप में स्वीकार किया गया है।

लोकगीतों ने रचा नाद-ब्रह्म शिल्प मेला 2026 प्रयागराज का रंग

सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सूर्यकांत ने
“माघ मकर गए आई चला हो त्रिवेणी नहाई” और
“लागल गंगा जी का मेला छोड़ा घरवा का झमेला”
जैसे लोकगीतों से वातावरण को भावनात्मक बना दिया।

निर्गुण गायक सूर्य प्रकाश पटेल ने गंगा और प्रयागराज की महिमा से जुड़े गीत प्रस्तुत कर खूब सराहना बटोरी। विजय चंद्रा के सिंथेसाइज़र वादन ने कार्यक्रम को आधुनिक स्पर्श दिया।

नृत्य व बिरहा प्रतियोगिता में उभरी लोकप्रतिभा

कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित नृत्य प्रतियोगिता में 12 प्रतिभागियों ने भाग लिया। जबावी बिरहा में बृजभान यादव, बरम दीन यादव, मुंशी लाल सोनकर, कमल चंद्र यादव सहित कलाकारों ने प्रस्तुति दी। निर्णायक मंडल में उर्मिला शर्मा और कृति श्रीवास्तव उपस्थित रहीं।

प्रतिभागियों को कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पीयूष मिश्रा ने किया।

लेटेस्ट और विश्वसनीय खबरें सबसे पहले पाने के लिए Updarshan.online से जुड़े रहें।
वेबसाइट की नोटिफिकेशन को Allow करें, ताकि हर जरूरी अपडेट आप तक तुरंत पहुंचे।

🌐 https://updarshan.online
📧 help@updarshan.online

About The Author

One thought on “नाद-ब्रह्म शिल्प मेला 2026 प्रयागराज में संस्कृति और लोकभाव का उत्सव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share via
Copy link