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Nitin Gadkari ने दिल्ली में 12वें सीआईआई बायोएनर्जी शिखर सम्मेलन 2024 को संबोधित किया

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने नई दिल्ली में आयोजित 12वें सीआईआई बायोएनर्जी शिखर सम्मेलन 2024 में भाग लिया। शिखर सम्मेलन का विषय था “भविष्य को ईंधन देना – भारत के हरित विकास लक्ष्यों को सुरक्षित करना”। अपने संबोधन में गडकरी ने इथेनॉल और जैव ईंधन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

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इथेनॉल मिश्रण पर प्रगति और भविष्य की योजनाएँ

Nitin Gadkari ने दिल्ली में 12वें सीआईआई बायोएनर्जी शिखर सम्मेलन 2024 को संबोधित किया ने कहा कि 2014 में पेट्रोल में 1.53% इथेनॉल मिश्रण था, जिसे 2024 में 15% तक पहुँचाने का लक्ष्य है। सरकार का लक्ष्य 2025 तक इसे 20% तक ले जाना है। इसके अलावा सरकार डीजल में 15% इथेनॉल मिश्रण की संभावना पर भी शोध कर रही है।

इथेनॉल पंप और फ्लेक्सइंजन वाहन

चार राज्यों- उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में 400 इथेनॉल पंप स्थापित किए जा रहे हैं।

Nitin Gadkari ने दिल्ली में 12वें सीआईआई बायोएनर्जी शिखर सम्मेलन 2024 को संबोधित किया कहा कि इथेनॉल से चलने वाले फ्लेक्स-इंजन वाहनों को लॉन्च करने के लिए प्रमुख वाहन निर्माताओं के साथ बातचीत चल रही है।

दोपहिया वाहन निर्माता भी बुनियादी ढांचा तैयार होते ही इथेनॉल से चलने वाली बाइक लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं।

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कचरे से ऊर्जा उत्पादन पर जोर

Nitin Gadkari ने दिल्ली में 12वें सीआईआई बायोएनर्जी शिखर सम्मेलन 2024 को संबोधित किया ने चावल के भूसे से बायो-सीएनजी उत्पादन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में 40 से अधिक परियोजनाएं पहले से ही चालू हैं और 475 नई परियोजनाओं की भी योजना बनाई गई है। चावल के भूसे से सीएनजी उत्पादन का अनुपात 5:1 टन है।

पराली प्रबंधन में नवाचार

Nitin Gadkari ने दिल्ली में 12वें सीआईआई बायोएनर्जी शिखर सम्मेलन 2024 को संबोधित किया ने इंडियन ऑयल के पानीपत प्लांट की सराहना की, जो पराली को बायोमास में परिवर्तित करता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश केवल 20% पराली का ही प्रसंस्करण कर पाता है, लेकिन सही योजना के साथ पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

बायोबिटुमेन से आयात पर निर्भरता कम होगी

Nitin Gadkari ने दिल्ली में 12वें सीआईआई बायोएनर्जी शिखर सम्मेलन 2024 को संबोधित किया ने कहा कि केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) द्वारा बायो-बिटुमेन के उत्पादन पर किए गए शोध से देश को आयातित बिटुमेन पर निर्भरता से मुक्ति मिलेगी। यह कदम हरित विकास के लक्ष्यों में भी योगदान देगा

जैव ईंधन से ऊर्जा आत्मनिर्भरता का सपना

Nitin Gadkari ने दिल्ली में 12वें सीआईआई बायोएनर्जी शिखर सम्मेलन 2024 को संबोधित किया ने कहा कि भारत हर साल 22 लाख करोड़ रुपये का जीवाश्म ईंधन आयात करता है। इस आयात को कम करने के लिए जैव ईंधन जरूरी है, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और देश ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा।

उन्होंने किसानों की भूमिका को “अन्नदाता” से “ऊर्जादाता”, “ईंधन-दाता” और “हाइड्रोजन-दाता” तक विस्तारित करने के विचार को भी बढ़ावा दिया। अंत में गडकरी ने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए सीआईआई को बधाई दी।

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