माघ मेला 2026

राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का संदेश

राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का संदेश: युवा सोशल मीडिया से आगे बढ़कर सोशल सेवा से जुड़ें

प्रयागराज | 12 जनवरी

राजमाता जीजाबाई एवं स्वामी विवेकानन्द जी की जयंती तथा राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने माघ मेला प्रयागराज से समस्त देशवासियों, विशेषकर युवाओं को भावभीनी शुभकामनाएँ एवं मंगलकामनाएँ प्रेषित कीं।

त्रिवेणी पुष्प बना संस्कार और संस्कृति का केंद्र

राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती

माघ मेला के दौरान परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से त्रिवेणी पुष्प, प्रयागराज में दर्शनार्थ प्रयागराज हाईकोर्ट के निर्वतमान सीनियर जज श्री सुधीर मेमन जी, अनेक अधिवक्तावृंद एवं न्यायपालिका की विशिष्ट विभूतियों ने भेंट की।
उन्होंने कहा कि त्रिवेणी पुष्प आज दर्शन, संस्कार और संस्कृति का अद्भुत केंद्र बन चुका है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दिव्य संगम आरती के दर्शन कर रहे हैं।

अमर जवानों को श्रद्धांजलि

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के सान्निध्य में सभी अतिथियों ने अमर जवान ज्योति, इंडिया गेट के दर्शन कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर स्वामी जी ने देवभक्ति के साथ-साथ देशभक्ति का संदेश भी दिया।

राजमाता जीजाबाई: राष्ट्रनिर्माण की प्रेरणा

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि राजमाता जीजाबाई केवल शिवाजी महाराज की माता नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण के संस्कारों की अमर प्रतिमा थीं। उन्होंने शिवाजी महाराज को साहस, धर्म, स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम की शिक्षा दी, जिसने हिंदवी स्वराज्य की नींव रखी।

स्वामी विवेकानन्द: युवा चेतना का महामंत्र

राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द युगद्रष्टा और युवा चेतना के महान प्रेरणास्रोत थे। “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत” आज भी युवाओं के लिए जीवन-मंत्र है।

युवाओं से विशेष आह्वान

स्वामी जी ने कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में है। यदि युवा चरित्रवान, संवेदनशील और राष्ट्रनिष्ठ होंगे तो भारत स्वतः ही विकसित और विश्वगुरु बनेगा।
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे केवल सोशल मीडिया तक सीमित न रहें, बल्कि सोशल सेवा और राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

विकसित नहीं, दिव्य भारत का संकल्प

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण नैतिक मूल्यों, करुणा और आत्मिक चेतना से होगा। जब युवा विवेकानन्द का साहस और जीजाबाई के संस्कार अपनाएँगे, तभी भारत सशक्त और समरस बनेगा।

निष्कर्ष

राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती का यह संदेश आज के युवाओं के लिए प्रेरणा है—जहाँ सेवा, संस्कार और राष्ट्रप्रेम को जीवन का उद्देश्य बनाने का आह्वान किया गया है।

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