प्रयागराज

“प्रयागराज: जिलाधिकारी श्री रवीन्द्र कुमार मांदड़ की अध्यक्षता में विकास योजनाओं के समन्वय हेतु अन्तर्विभागीय कार्यशाला संपन्न”

प्रयागराज, 14 अक्टूबर: जनपद के विकास कार्यों में प्रभावी समन्वय एवं योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु सोमवार को इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशनhttps://imaallahabad.org/ (एएमए) हॉल, म्योहॉल के निकट एक महत्वपूर्ण बैठक एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्री रवीन्द्र कुमार मांदड़ ने की। टीम भावना से कार्य करने पर जोर, बैठक में जिलाधिकारी श्री रवीन्द्र कुमार मांदड़ ने सभी अधिकारियों से अन्तर्विभागीय समन्वय के साथ एकजुट होकर कार्य करने की अपील की। ​​उन्होंने कहा कि आपसी समन्वय से प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ती है, जिससे योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो सके।

जिलाधिकारी श्री रवीन्द्र कुमार मांदड़ ने इस बात पर भी जोर दिया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह प्रत्येक अधिकारी की संयुक्त जिम्मेदारी है।

भूमि चिन्हांकन एवं सरकारी भवनों के निर्माण के निर्देश जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु पंचायत भवन,

सामुदायिक शौचालय एवं आरआरसी केन्द्र सहित अन्य सरकारी भवनों के लिए तीन दिन के अन्दर भूमि चिन्हित कर उपलब्ध करा दी जाए।

सौर ऊर्जा को बढ़ावा: बैठक में प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत अधिक से अधिक घरों में सोलर सिस्टम लगाने के लिए लोगों को प्रेरित करने के निर्देश दिए गए।

आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों का त्वरित निस्तारण अनिवार्य

श्री रवीन्द्र कुमार मांदड़ ने आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) पोर्टल पर शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि:

• प्रत्येक जिला स्तरीय अधिकारी स्वयं हस्ताक्षर करके शिकायतों का निस्तारण भेजेंगे तथा यह कार्य कनिष्ठ अधिकारियों को नहीं सौंपा जाएगा।

• जन शिकायतों का निस्तारण प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

• अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे शिकायतकर्ताओं से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।

Image Source: Information Department

मामलों में देरी होने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी

बैठक में जिलाधिकारी श्री रवीन्द्र कुमार मांदड़ ने स्पष्ट किया कि किसी भी मामले में लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि डिफॉल्टर मामलों में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

क्षेत्र निरीक्षण एवं अभिलेखीकरण के निर्देश

• प्रत्येक गम्भीर प्रकरण में एस.डी.एम. एवं खण्ड विकास अधिकारियों को स्वयं स्थलीय निरीक्षण करना होगा।

• क्षेत्र भ्रमण के दौरान तैयार किये गये स्पॉट मेमो, गवाहों के नाम, हस्ताक्षर, मोबाइल नम्बर एवं फोटोग्राफ रिपोर्ट के साथ संलग्न किये जायेंगे।

• रिपोर्ट में समीक्षा एवं अग्रेषण अधिकारी की टिप्पणी भी सम्मिलित करना अनिवार्य होगा।

शिकायतों के निस्तारण में समन्वय एवं पारदर्शिता

• यदि कोई शिकायत किसी अन्य विभाग से सम्बन्धित है तो उसे उसी दिन सम्बन्धित विभाग को अग्रेषित किया जाये।

• अन्य विभागों से अपेक्षित सहयोग का भी रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख करना होगा।

• शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

प्रत्येक विभाग में नियमित समीक्षा बैठक के निर्देश

जिलाधिकारी श्री रवीन्द्र कुमार मांदड़ ने सभी उपजिलाधिकारियों एवं खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे लम्बित प्रकरणों पर साप्ताहिक बैठक आयोजित कर उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें। आई.जी.आर.एस. पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की प्रतिदिन समीक्षा की जाये तथा शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित कर समाधान की प्रगति से अवगत कराया जाये।

निष्कर्ष

जिलाधीश श्री रवीन्द्र कुमार मांदड़ ने सभी अधिकारियों से अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ नियमित बैठकें आयोजित कर कार्यों की समयबद्धता सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी शिकायतों को वर्गीकृत कर उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें तथा नागरिकों से फीडबैक प्राप्त करना अनिवार्य बनाएं।

यह कार्यशाला प्रशासनिक कार्यकुशलता में सुधार लाने तथा नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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