निरंजनी अखाड़े में महंत वेदानंद गिरी व स्वामी रामानंद गिरी महामंडलेश्वर पद से विभूषित
निरंजनी अखाड़े की छावनी में महंत वेदानंद गिरी, स्वामी रामानंद गिरी को महामंडलेश्वर की उपाधि
प्रयागराज, महाकुंभ 2025: महाकुंभ के पावन अवसर पर प्रयागराज स्थित निरंजनी अखाड़े की छावनी में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया, जिसमें महंत वेदानंद गिरी (वृंदावन) और स्वामी रामानंद गिरी (परम विष्णु धाम साधु मढ़ी, संभल, उत्तर प्रदेश) को महामंडलेश्वर की उपाधि से विभूषित किया गया। यह समारोह आनंद पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जिसमें पंच परमेश्वर एवं अनेक संत-महापुरुषों की उपस्थिति रही।

महामंडलेश्वर की उपाधि का महत्व
इस अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि यह सम्मान किसी भी संत के अध्यात्मिक योगदान और धार्मिक उत्कृष्टता की पहचान होता है। महंत वेदानंद गिरी और स्वामी रामानंद गिरी द्वारा समाज और धर्म के प्रति किए गए कार्यों को देखते हुए उन्हें यह उपाधि प्रदान की गई है। इस उपाधि से न केवल उनका सम्मान बढ़ा है, बल्कि संत परंपरा और सनातन धर्म की महिमा भी उजागर हुई है।
संतों का कर्तव्य और धर्म प्रचार
इस दौरान महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज ने कहा कि संतों का जीवन अहंकार से मुक्त, विनम्रता और आत्मज्ञान से परिपूर्ण होता है। उनका उद्देश्य भगवान की सेवा और समाज कल्याण करना होता है। उन्होंने कहा कि नवनियुक्त महामंडलेश्वर अपने तपबल से विश्वभर के श्रद्धालु भक्तों का कल्याण करेंगे।
नवनियुक्त महामंडलेश्वरों की प्रतिज्ञा
महंत वेदानंद गिरी और स्वामी रामानंद गिरी ने महामंडलेश्वर पद की गरिमा को बनाए रखने की शपथ ली। उन्होंने कहा कि वे अपने पद की सभी जिम्मेदारियों को पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे और संत समाज की परंपरा को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने संत महापुरुषों का सदैव सम्मान करने की बात कही।
भव्य समारोह में संतों की उपस्थिति

इस अवसर पर अनेक प्रतिष्ठित संत-महापुरुष उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से स्वामी युगपुरुष परमानंद जी, अखाड़े के सचिव श्रीमहंत राम रतन गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद, महामंडलेश्वर स्वामी निरंजन ज्योति, महंत ओंकार गिरी, महंत राधे गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी महेशानंद, महंत दर्शन भारती, महामंडलेश्वर स्वामी अन्नपूर्णा भारती, श्रीमहंत राधे गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी मीरा गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद पुरी (उज्जैन), प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, प्रो. राम सलाही द्विवेदी और प्रो. शिवशंकर मिश्र आदि शामिल रहे।
निष्कर्ष
महाकुंभ 2025 में यह धार्मिक आयोजन संत परंपरा की निरंतरता और सनातन धर्म की गौरवशाली परंपरा को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। महामंडलेश्वर की उपाधि प्राप्त कर महंत वेदानंद गिरी और स्वामी रामानंद गिरी ने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की और धर्म के प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया।
याद रखें:
https://updarshan.online/इस तरह की लेटेस्ट खबरों के लिए हमसे जुड़े रहे साथ ही हमारे इस News पोर्टल की नोटिफिकेशन को Allow करें, जिससे हमारी लेटेस्ट न्यूज़ की जानकारी आपको तत्काल मिल सके।
वेबसाइट: Updarshan.online
हमें ईमेल करें: help@updarshan.online


Càng tham gia lâu dài và tích cực, người tham gia sẽ càng được hưởng những ưu đãi lớn hơn. 188v link Các thành viên VIP của nhà cái thường nhận được phần quà đặc biệt, tỷ lệ hoàn tiền cao hơn, cả những ưu đãi cá nhân hóa như quản lý tài khoản riêng, hỗ trợ ưu tiên cùng nhiều quyền lợi khác. TONY05-15